12 माह के भीतर पूरा होगा प्रोजेक्ट
उन्होंने बताया कि इस एसटीपी की क्षमता 0.5 एम.एल.डी. (मिलियन लीटर प्रतिदिन) होगी और यह प्रोजेक्ट 12 महीनों के भीतर पूरा होने की संभावना है। इस पर कुल 3.4 करोड़ रुपए की लागत आएगी। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के तहत डेरा सचखंड बल्लां में श्रद्धालुओं को स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक वातावरण मिलेगा। इस पहल से स्वच्छता संबंधी बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण सुधार होगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस प्लांट से साफ किए गए पानी का पुन: उपयोग किया जाएगा, जिससे लगभग 13 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट स्वच्छ जल, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, पर्यावरण संरक्षण और भूजल पर निर्भरता को कम करने की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस नेक कार्य में योगदान देने को अपने लिए सौभाग्य मानती है।
लाखों अनुयायियों के लिए प्रेरणा स्रोत है डेरा
मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि डेरा सचखंड बल्लां ने सामाजिक कल्याण में लगातार अग्रणी भूमिका निभाई है और उन्हें अपने कार्यकाल में कई बार इस पवित्र स्थल के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने डेरा की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संस्थान समता मूलक समाज के प्रतीक श्री गुरु रविदास महाराज जी के लाखों अनुयायियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने जनकल्याण और सामाजिक उत्थान में डेरा द्वारा किए गए प्रयासों, विशेषकर पिछड़े वर्गों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में किए गए कार्यों की सराहना की।
