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बरिंदर कुमार गोयल द्वारा ससराली कॉलोनी के समीप सतलुज धुस्सी बांध के कार्यों का जायज़ा

 

  • कहा, सतलुज धुस्सी बांध की सुरक्षा के लिए पंजाब में पहली बार पी.पी.एम.एफ. (पॉलीप्रोपाइलीन मल्टीफिलामेंट) जियोट्यूब तकनीक का किया गया उपयोग
  • दरिया के किनारों की सुरक्षा के लिए धुस्सी बांध में लगाई जा रही हैं 450 पी.पी.एम.एफ. जियोट्यूब
  • आधुनिक जियोसिंथेटिक इंजीनियरिंग तकनीक दरिया के तट संरक्षण और बाढ़ प्रबंधन को और मज़बूत बनाएगी: बरिंदर कुमार गोयल
  • सतलुज तट पर धुस्सी बांध को मज़बूत करने के लिए पंजाब सरकार प्रतिबद्ध: बरिंदर कुमार गोयल

चंडीगढ़/लुधियाना:पंजाब के जल संसाधन तथा खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री श्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज लुधियाना के ससराली कॉलोनी गांव के नज़दीक सतलुज दरिया के धुस्सी बांध पर चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर तथा उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं ताकि लोगों के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

श्री बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि ससराली कॉलोनी गांव में लगभग 3300 फुट लंबा बांध क्षतिग्रस्त हो गया था जिसकी पुनर्निर्माण परियोजना प्रगति पर है। इस कार्य पर लगभग 11.75 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। परियोजना के तहत लगभग 2,00,000 घन मीटर मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है जिसमें से लगभग 1,50,000 घन मीटर कार्य पूरा किया जा चुका है जबकि शेष कार्य भी शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस पुनर्निर्माण कार्य की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि दरिया किनारे के कटाव को रोकने के लिए बांध के नदी की ओर वाले अंदरूनी हिस्से में पी.पी.एम.एफ. (पॉलीप्रोपाइलीन मल्टीफिलामेंट) जियोट्यूब लगाए जा रहे हैं। इस परियोजना के तहत कुल लगभग 450 जियोट्यूब लगाए जाने हैं जिनमें से करीब 325 जियोट्यूब पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं और शेष कार्य भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पी.पी.एम.एफ. जियोट्यूब परियोजना पंजाब में अपनी तरह की पहली पहल है जो नदी तट संरक्षण तथा बाढ़ प्रबंधन के लिए आधुनिक जियोसिंथेटिक इंजीनियरिंग तकनीकों के उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।

जल संसाधन मंत्री ने निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और मौके पर चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार राज्य के बांधों को मज़बूत बनाने तथा बाढ़ के संभावित खतरे को कम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि धुस्सी बांध के सुदृढ़ होने से सतलुज नदी के किनारे बसे गांवों और क्षेत्रों को बड़ी राहत मिलेगी तथा बरसात के दौरान पानी के दबाव से होने वाले नुकसान को रोकने में सहायता मिलेगी।

श्री गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जाए। जहां भी आवश्यकता हो वहां अतिरिक्त मशीनरी और मानव संसाधन तैनात कर कार्य में तेज़ी लाई जाए।

उन्होंने स्थानीय लोगों से भी बातचीत की तथा उनकी समस्याओं और सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि लोगों की सुरक्षा और कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा वर्षा ऋतु के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध पहले ही किए जा रहे हैं।

उप मंडल मजिस्ट्रेट लुधियाना पूर्वी श्रीमती जसलीन कौर भुल्लर ने बताया कि ज़िला प्रशासन जल संसाधन विभाग के साथ पूर्ण समन्वय बनाकर निर्माण कार्यों की लगातार निगरानी कर रहा है। उन्होंने कहा कि संवेदनशील स्थानों पर विशेष नज़र रखी जा रही है तथा किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं।

कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा करने तथा जनहित को ध्यान में रखते हुए सभी कार्य समय पर पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने दोहराया कि पंजाब सरकार राज्य के बुनियादी ढांचे को मज़बूत बनाने, बाढ़ प्रबंधन को और प्रभावी बनाने तथा लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

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