
Sonam Wangchuk News: एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल खत्म करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार उनकी तीन शर्तों में से किसी एक शर्त को भी पूरी कर देती है तो वह अपना अनशन तोड़ देंगे.उन्होंने कहा कि वह ऐसा तभी करेंगे जब सरकार शिक्षा व्यवस्था में हालिया नाकामियों की ज़िम्मेदारी लेगी या संसद सदस्य (MP) उन्हें भरोसा दिलाएंगे कि यह मुद्दा संसद में उठाया जाएगा।
सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि अगर ये शर्तें पूरी होती हैं, तो वह 20 जुलाई को भूख हड़ताल खत्म कर देंगे। आज वांगचुक की भूख हड़ताल का 23वां दिन है।
सफदरजंग अस्पताल से हाथ से लिखे एक नोट में, वांगचुक ने तीन शर्तें बताई हैं जिनके तहत वह अपना भूख हड़ताल खत्म करेंगे । उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें अस्पताल में “गैर-कानूनी हिरासत” में रखा जा रहा है।
WHEN WILL I END THE FAST….!
Not withstanding my health my fast continues till after the Sansad Chalo March, and will be broken only under the following circumstances… pic.twitter.com/kaOGx2Nk4T— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 20, 2026
वांगचुक ने लिखा, “प्रिय दोस्तों और समर्थकों, आप में से कई लोगों ने पूछा है कि मैं अपना भूख हड़ताल कब खत्म करूंगा। जैसा कि मैंने पहले ही समर्थकों से कहा था, मैं 20 जुलाई को अपना अनशन खत्म करूंगा, अगर-
1. अगर सरकार शिक्षा व्यवस्था में हालिया नाकामियों – जैसे पेपर लीक वगैरह की ज़िम्मेदारी लेती है… या
2. अगर मैं और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) की लीडरशिप संसद तक पहुंचते हैं और वहाँ अलग-अलग पार्टियों के माननीय सांसद और नेता हमें भरोसा दिलाते हैं कि वे अब संसद में यह मुद्दा उठाएंगे.
3. अगर मेरी सेहत या कोई और वजह इसकी इजाजत नहीं देती है, तब भी अलग-अलग पार्टियों के माननीय सांसद और नेता ऊपर बताया गया भरोसा दिलाते हैं.
नोट इस लाइन के साथ खत्म हुआ: “सफदरजंग अस्पताल में गैर-कानूनी नज़रबंदी से, जहाँ मेरे घूमने-फिरने, बोलने और बातचीत करने के सभी तरीकों पर रोक लगी हुई है।”
‘चलो संसद’ से पहले विरोध प्रदर्शन तेज़
CJP की ओर से आयोजित ‘चलो संसद’ (संसद की ओर मार्च) कार्यक्रम से पहले जब जंतर-मंतर पर हज़ारों समर्थक इकट्ठा हुए, तो वांगचुक ने यह बयान दिया। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने रात भर धरने पर बैठने का आह्वान किया, जबकि वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने कहा कि अगर राजनीतिक नेता उन्हें भरोसा दिलाएं कि वे संसद में शिक्षा में जवाबदेही का मुद्दा उठाएंगे, तो उनके पति अपनी भूख हड़ताल खत्म कर देंगे।
प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में कमियों—जिनमें हाल ही में हुआ NEET पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्या की घटनाएं शामिल हैं—को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं।
