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भूपेश बघेल आज हाईकमान को सौंपेंगे पंजाब दौरे की रिपोर्ट, बाजवा भी पहुंचे दिल्ली

 

चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस में चल रहे अंदरूनी विवाद को लेकर आज दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान की अहम बैठक होने जा रही है। इस बैठक में पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल अपने 5 दिवसीय पंजाब दौरे की विस्तृत रिपोर्ट हाईकमान के सामने पेश करेंगे। चर्चा है कि वह सबसे पहले के.सी. वेणुगोपाल से मुलाकात करेंगे, जिसके बाद राहुल गांधी के साथ भी बैठक हो सकती है। इस बैठक को पंजाब कांग्रेस में जारी गुटबाजी और विवाद को सुलझाने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रताप सिंह बाजवा भी पहुंच चुके है दिल्ली
भूपेश बघेल ने हाल ही में पंजाब का पांच दिन का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने पार्टी के जिला अध्यक्षों, विधायकों, पूर्व विधायकों, लोकसभा और राज्यसभा सदस्यों सहित विभिन्न नेताओं से मुलाकात कर संगठन की मौजूदा स्थिति पर फीडबैक लिया। उन्होंने कई कांग्रेस नेताओं के घर जाकर भी बातचीत की और संगठन की जमीनी स्थिति का आकलन किया। बैठक से पहले पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा भी दिल्ली पहुंच चुके हैं। बताया जा रहा है कि वह के.सी. वेणुगोपाल से मुलाकात कर सकते हैं। हालांकि पांच दिवसीय दौरे के दौरान भूपेश बघेल ने संगठन को मजबूत करने और जिला स्तर के नेताओं से चर्चा पर अधिक ध्यान दिया, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उनकी उस बैठक की रही, जो पार्टी के नाराज गुट के साथ हुई। जानकारी के अनुसार, इस बैठक में करीब डेढ़ घंटे तक विस्तार से बातचीत हुई। इसी नाराज गुट की असंतुष्टि के चलते पिछले कई दिनों से पंजाब कांग्रेस में सियासी हलचल बनी हुई है। बैठक के दौरान नेताओं ने अपनी शिकायतें और आपत्तियां खुलकर भूपेश बघेल के सामने रखीं। अब यही पूरा फीडबैक दिल्ली में हाईकमान के सामने रखा जाएगा।

कुछ हफ्तों से पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी खुलकर आई सामने
सूत्रों के अनुसार, के.सी. वेणुगोपाल को पंजाब कांग्रेस की मौजूदा स्थिति की पूरी जानकारी दी जाएगी, जिसके बाद हाईकमान आगे की रणनीति पर फैसला करेगा। राहुल गांधी के साथ संभावित बैठक में भी संगठनात्मक हालात और पार्टी के भीतर चल रहे विवाद को खत्म करने के उपायों पर चर्चा हो सकती है। राजनीतिक हलकों में इस बैठक को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि पिछले कुछ हफ्तों से पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी खुलकर सामने आई है। कई वरिष्ठ नेता संगठनात्मक फैसलों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। ऐसे में हाईकमान के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी को एकजुट रखना और बढ़ते राजनीतिक नुकसान को रोकना है। भूपेश बघेल को इस पूरे मामले में हाईकमान के भरोसेमंद पर्यवेक्षक और संकटमोचक के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की नजरें दिल्ली में होने वाले इस मंथन पर टिकी हैं, क्योंकि इसके बाद ही तय होगा कि पंजाब कांग्रेस में जारी विवाद को खत्म करने और संगठन को फिर से एकजुट करने के लिए हाईकमान क्या फैसला लेता है।

 

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