Type Here to Get Search Results !

मिडल ईस्ट में आर-पार की जंग: ईरान की मिसाइल फैक्ट्री पर अमेरिका की बड़ी बमबारी, पलटवार में कुवैत-बहरीन दहले

 

US Iran War Semnan Missile Strike : अमेरिका ने आज तड़के ईरान पर अपने हमले और तेज कर दिए। अमेरिकी सेना ने इस बार ईरान के और अधिक उत्तरी इलाकों को निशाना बनाया और साथ ही एक ऐसे जहाज पर भी गोलीबारी की जिस पर नौसैनिक नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने तड़के बहरीन और कुवैत पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए।

पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच कई दिनों से जारी जवाबी हमलों और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ते तनाव ने ईरान युद्ध को समाप्त करने के लिए हुए अंतरिम समझौते को लगभग निष्प्रभावी कर दिया है। इससे पूरे क्षेत्र में फिर से पूर्ण युद्ध छिड़ने की आशंका बढ़ गई है।

ईरानी अधिकारियों के अनुसार अमेरिकी हमलों में अब तक 35 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और 300 से अधिक घायल हुए हैं। इस ताजा हिंसा के दौरान पहली बार ईरान की राजधानी तेहरान के आसपास के इलाकों को भी निशाना बनाया गया। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार आज तड़के अमेरिकी हमलों में तेहरान के आसपास के कई इलाकों को निशाना बनाया गया।
एजेंसी ने बताया कि अमेरिकी सेना ने सेमनान प्रांत पर भी हमला किया जहां से ईरान का बैलिस्टिक मिसाइल उत्पादन और अंतरिक्ष कार्यक्रम संचालित होता है। अमेरिका ने बुधवार को भी ईरान पर हमले किए थे जिससे सैन्य अभियान की तीव्रता और बढ़ती दिखाई दी। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ग्रेटर तुंब द्वीप पर किए गए हमले में ईरानी रक्षा प्रतिष्ठानों और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया गया।

इसी बीच अमेरिकी सेना ने दावा किया कि उसने कुराकाओ के झंडे वाले तेल टैंकर ‘बेल्मा’ पर गोलीबारी की। यह जहाज फारस की खाड़ी में स्थित ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप की ओर जा रहा था। अमेरिकी सेना के अनुसार जहाज ने कई बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद दिशा नहीं बदली जिसके बाद एक अमेरिकी विमान ने जहाज की चिमनी पर मिसाइल दागकर उसे निष्क्रिय कर दिया।

जब अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किया था तब तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को समुद्री यातायात के लिए प्रभावी रूप से बंद कर दिया था। इस कदम से तेल, उर्वरक और कई अन्य वस्तुओं की कीमतें न केवल क्षेत्र में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी तेजी से बढ़ गई थीं और इससे वार्ता में ईरान की स्थिति मजबूत हो गई। बढ़ती तेल कीमतें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के लिए भी चुनौती बन गई हैं क्योंकि नवंबर में होने वाले चुनावों में पार्टी कांग्रेस पर अपना नियंत्रण बनाए रखना चाहती है।

हालांकि अमेरिका अब तक होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने में सफल नहीं हो पाया है। इसी वजह से ट्रंप ने बुधवार को ईरान पर फिर से नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी। ईरानी संसद के अध्यक्ष और प्रमुख वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि यदि अमेरिका अंतरिम समझौते की शर्तों का पालन नहीं करता है तो ईरान व्यापक सैन्य टकराव के लिए तैयार है। वहीं, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी कि यदि नाकेबंदी जारी रही तो वह पूरे पश्चिम एशिया से तेल और गैस के निर्यात को रोक सकता है।

रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा, या तो इस क्षेत्र से तेल और गैस का निर्यात सभी के लिए होगा, या फिर किसी के लिए भी नहीं होगा। वहीं, ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया कि ईरान शांति समझौता करना चाहता है हालांकि उन्होंने इस संबंध में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी। उन्होंने पेनसिल्वेनिया स्थित ‘यूएस आर्मी वॉर कॉलेज’ में कहा, उन्हें हमारी कार्रवाई पसंद नहीं है और वे समझौता करना चाहते हैं। अब देखना यह है कि उनके साथ समझौता होता है या फिर हम इस मामले का पूरी तरह अंत कर देते हैं।

Tags

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.