Type Here to Get Search Results !

पंजाब स्कूल शिक्षा में देश का अग्रणी राज्य बना: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

 

* सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की नीट, जे.ई.ई. और टैलेंट सर्च परीक्षा में सफलता हमारी सरकार के शिक्षा सुधारों की झलक है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

* गरीबी खत्म करने और समाज में बदलाव लाने के लिए शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

* वर्धमान टेक्सटाइल समूह के सहयोग से सरकारी प्राथमिक स्कूल में पाँच करोड़ रुपये की लागत से बने नए ब्लॉक का मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने किया उद्घाटन

लुधियाना, 27 जुलाई: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि उनकी सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों को मजबूत करने, शिक्षा के बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और शिक्षकों के प्रशिक्षण में लगातार किए जा रहे निवेश ने राज्य को स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में देश का सबसे अग्रणी राज्य बना दिया है।

यहाँ सरकारी प्राथमिक स्कूल, लोहारा में पाँच करोड़ रुपये की लागत से बने ‘वर्धमान ब्लॉक’ का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नीट, जे.ई.ई. और पंजाब राज्य टैलेंट सर्च परीक्षा जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की शानदार सफलता सरकार के शिक्षा सुधारों के दूरगामी प्रभाव को दर्शाती है। उन्होंने दोहराया कि गरीबी समाप्त करने और आने वाली पीढ़ियों को सशक्त बनाने के लिए शिक्षा ही सबसे शक्तिशाली साधन है।

सरकारी प्राथमिक स्कूल में नए ब्लॉक का उद्घाटन करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह नया ब्लॉक पाँच करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इसका पूरा खर्च वर्धमान टेक्सटाइल समूह ने वहन किया है, जिसके लिए मैं समूह के नेतृत्व का तहेदिल से धन्यवाद करता हूँ। इस नए ब्लॉक में विद्यार्थियों के लिए फर्नीचर सहित 18 कक्षाएँ तथा शिक्षकों के लिए तीन कमरे बनाए गए हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “वर्धमान टेक्सटाइल समूह विशेष रूप से सरकारी स्कूलों के शैक्षणिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। इस समूह ने लोहारा, ग्यासपुरा, कासाबाद, लाडोवाल, सेखेवाल और अन्य सरकारी स्कूलों में भी भवनों का निर्माण कराया है। कोई भी मुफ्त सुविधा या रियायत राज्य से गरीबी अथवा अन्य सामाजिक बुराइयों को समाप्त नहीं कर सकती, बल्कि शिक्षा ही वह कुंजी है, जो लोगों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाकर उन्हें गरीबी के दलदल से बाहर निकाल सकती है।”

उन्होंने कहा, “सरकार के अथक प्रयासों के कारण पंजाब प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़कर पहले स्थान पर पहुँच गया है। राज्य सरकार ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा का स्तर ऊँचा उठाया है, व्यवस्था को मजबूत किया है, स्मार्ट क्लासरूम शुरू किए हैं और शिक्षकों को उन्नत प्रशिक्षण प्रदान किया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप पंजाब स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन कर रहा है और भारत सरकार की प्रमुख संस्था नीति आयोग द्वारा जारी नवीनतम आँकड़े दर्शाते हैं कि पंजाब ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल किया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “पिछले चार वर्षों से राज्य सरकार ने शिक्षकों के प्रशिक्षण, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और स्मार्ट क्लासरूम पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है और आज पंजाब शीर्ष पर खड़ा है। पहले केरल पहले स्थान पर था, लेकिन अब पंजाब ने बड़े अंतर से नंबर एक का दर्जा हासिल किया है। आने वाले समय में भी ऐसे और प्रयास किए जाएंगे। शिक्षा वह प्रकाश है, जो अंधकार को दूर कर दुनिया को रोशन करता है, इसलिए राज्य सरकार इस पर विशेष जोर दे रही है।”

मुख्यमंत्री ने बताया, “लुधियाना जिले के सरकारी स्कूलों में लगभग तीन लाख विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं, जहाँ 16 स्कूल ऑफ एमिनेंस, 11 स्कूल ऑफ ब्रिलियंस और 35 स्कूल ऑफ हैप्पीनेस हैं। मिलरगंज और डिवीजन नंबर-3, लुधियाना में दो अन्य स्कूल ऑफ एमिनेंस बनकर तैयार हो चुके हैं और शीघ्र ही जनता को समर्पित किए जाएंगे। 146 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा, 33 विद्यार्थियों ने जे.ई.ई. मेन परीक्षा, 9 विद्यार्थियों ने जे.ई.ई. एडवांस्ड परीक्षा तथा 47 विद्यार्थियों ने पी.एस.टी.एस.ई. परीक्षा उत्तीर्ण की है।

Tags

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.