देश के कई राज्यों में इन दिनों एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर की कमी को लेकर लोगों में चिंता बढ़ती दिखाई दे रही है। कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जबकि कई उपभोक्ताओं का कहना है कि सिलेंडर की डिलीवरी में पहले की तुलना में ज्यादा समय लग रहा है। इस स्थिति को देखते हुए सरकार और तेल कंपनियों ने लोगों से घबराकर सिलेंडर बुक न करने की अपील की है।
जानकारी के मुताबिक, एलपीजी की सप्लाई पर असर पड़ने की मुख्य वजह पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव माना जा रहा है। हाल ही में ईरान से जुड़े संघर्ष और खाड़ी क्षेत्र की स्थिति के कारण वैश्विक ऊर्जा सप्लाई प्रभावित हुई है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी विदेशों से आयात करता है और इसका बड़ा हिस्सा होरमुज जलडमरूमध्य के रास्ते आता है। ऐसे में उस क्षेत्र में तनाव बढ़ने से सप्लाई चेन पर असर पड़ा है।
इसका असर सबसे पहले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों पर दिखाई दिया है, जिनका उपयोग होटल, रेस्टोरेंट और छोटे खाद्य व्यवसायों में किया जाता है। कई बड़े शहरों में होटल और रेस्टोरेंट संचालकों ने शिकायत की है कि उन्हें समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिसके कारण उनके कामकाज पर असर पड़ रहा है। कुछ जगहों पर रेस्टोरेंट को अस्थायी रूप से बंद करने या मेनू कम करने की भी नौबत आ गई है।
हालांकि सरकार का कहना है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की सप्लाई को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि आम लोगों की रसोई प्रभावित न हो। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, देश में एलपीजी उत्पादन को लगभग 25 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है और तेल रिफाइनरियों को ज्यादा गैस उत्पादन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही सिलेंडर की बुकिंग के बीच का अंतराल 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है, ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी को रोका जा सके।
पंजाब सहित कई राज्यों की सरकारों ने भी इस मुद्दे पर नजर बनाए रखी है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अगर कोई व्यक्ति गैस की जमाखोरी या ज्यादा कीमत वसूलते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि गैस एजेंसियों और बाजारों की लगातार निगरानी की जाए।
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह संकट जैसी नहीं है, लेकिन अगर अंतरराष्ट्रीय हालात लंबे समय तक ऐसे ही बने रहते हैं तो गैस की कीमतों और सप्लाई दोनों पर असर पड़ सकता है।
फिलहाल सरकार और तेल कंपनियां लोगों से यही अपील कर रही हैं कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही सिलेंडर बुक करें। अधिकारियों का कहना है कि घबराहट में की गई ज्यादा बुकिंग से सप्लाई सिस्टम पर दबाव बढ़ जाता है और इससे असली उपभोक्ताओं को परेशानी हो सकती है।
अगर हालात जल्द सामान्य होते हैं तो आने वाले दिनों में एलपीजी सप्लाई भी पहले की तरह सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।
