डीएमसी एंड हॉस्पिटल के नेफ्रोलॉजी विभाग द्वारा डुमरा ऑडिटोरियम, एलटी-1 में विश्व किडनी दिवस मनाया गया।
इस वर्ष विश्व किडनी दिवस की थीम “सभी के लिए किडनी स्वास्थ्य – लोगों की देखभाल, पृथ्वी की सुरक्षा” थी। कार्यक्रम का उद्देश्य किडनी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना, किडनी रोगों की रोकथाम के बारे में जानकारी देना तथा समय पर जांच और उपचार के महत्व को समझाना था।
इस अवसर पर श्री बिपिन गुप्ता, सचिव, डीएमसी एंड हॉस्पिटल मैनेजिंग सोसायटी, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ श्री मुकेश वर्मा, कोषाध्यक्ष, डीएमसी एंड हॉस्पिटल मैनेजिंग सोसायटी, डॉ. संदीप शर्मा, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, डॉ. आशिमा तनेजा, अतिरिक्त मेडिकल सुपरिंटेंडेंट तथा डॉ. विकास मक्कड़, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, नेफ्रोलॉजी सहित नेफ्रोलॉजी और यूरोलॉजी विभाग के अन्य फैकल्टी सदस्य भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान किडनी स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए डीएमसी एंड हॉस्पिटल कॉलेज ऑफ नर्सिंग द्वारा पोस्टर-मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। प्रतियोगिता में छात्रों ने रचनात्मक तरीके से किडनी स्वास्थ्य से जुड़े संदेश प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता के विजेताओं को कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर उन किडनी प्रत्यारोपण (ट्रांसप्लांट) प्राप्त मरीजों को विशेष सम्मान दिया गया, जिन्होंने अपने प्रत्यारोपण के बाद 10 वर्ष से अधिक का समय सफलतापूर्वक पूरा किया है, तथा उन मरीजों को भी सम्मानित किया गया जो आठ वर्षों से अधिक समय से डायलिसिस पर हैं। उनके साहस और धैर्य की सराहना की गई तथा उनकी प्रेरणादायक यात्राओं को साझा कर अन्य लोगों को प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर बोलते हुए श्री बिपिन गुप्ता ने कहा, “किडनी रोग तेजी से बढ़ रहे हैं और इनके प्रति जागरूकता तथा समय पर जांच आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।”
अपने संदेश में डॉ. जी. एस. वांडर, प्रिंसिपल, डीएमसी एंड हॉस्पिटल ने किडनी रोगों के बढ़ते बोझ पर प्रकाश डाला और नियमित स्वास्थ्य जांच, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने के महत्व पर जोर दिया।
डॉ. विकास मक्कड़ ने किडनी रोगों की रोकथाम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, पर्याप्त पानी पीने, रक्तचाप और मधुमेह को नियंत्रित रखने तथा नियमित स्वास्थ्य जांच करवाने से किडनी रोगों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
