पटवारी ने एक लाख रुपए की मांग की
प्रवक्ता ने आगे बताया कि शिकायतकर्ता इंतकाल को सही करवाने के लिए सर्कल पटवारी सरबजीत सिंह से मिला। पटवारी ने शिकायतकर्ता के इंतकाल के रिकॉर्ड को सुधारने के बदले 1 लाख रुपये रिश्वत की मांग की। बाद में सौदा 30,000 रुपये में तय हुआ। इस संबंध में, दोषी पटवारी ने मौके पर ही पहली किस्त के रूप में 5,000 रुपये ले लिए। शिकायतकर्ता द्वारा दी गई जानकारी पर कार्रवाई करते हुए विजीलेंस ब्यूरो की टीम ने दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में सरबजीत सिंह को दूसरी किस्त के रूप में 25,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
विजिलेंस लगातार कर रही भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई
विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि अलग-अलग मामलों में 3 सरकारी कर्मचारियों और 2 निजी व्यक्तियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों काबू करने में सफलता हासिल की है। उक्त अवधि के दौरान सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ हर क्षेत्र में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए पूरे जोर-शोर से प्रयास किए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले महीने ब्यूरो ने विभिन्न सक्षम अदालतों में 13 विजीलैंस मामलों से संबंधित चलान पेश किये थे। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के एक मामले की गहन जांच के लिए एक विजीलैंस इंक्वायरी भी दर्ज की गई है। उन्होंने आगे कहा कि 4 आरोपियों के खिलाफ 3 आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए हैं और दो सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने के 2 मामले भी दर्ज किए गए हैं।

