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2027 में कांग्रेस की सरकार बनने पर लोगों को मुफ्त रेत देंगे: राजा वड़िंग

 

राजा वड़िंग का बड़ा वादा: पंजाब में मुफ्त रेत

2027 में सरकार बनने के बाद कांग्रेस वैध तरीके से निकाली गई रेत को आम लोगों की जरूरत के लिए मुफ्त उपलब्ध कराएगी

We provide free sand to people if Congress government is formed in 2027: Raja Warring

चंडीगढ़, 8 अगस्त: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने आज घोषणा की कि 2027 में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद राज्य में ‘पंजाब दा रेत हक’ योजना के तहत घर बनाने, घर की मरम्मत और सार्वजनिक निर्माण कार्यों के लिए वैध तरीके से निकाली गई रेत मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी।

इस योजना का उद्देश्य आम लोगों के लिए निर्माण की लागत कम करना, रोजगार बढ़ाना और पूरे पंजाब में विकास को गति देना है।

वड़िंग ने कहा कि पंजाब की नदियां और प्राकृतिक संसाधन कुछ ताकतवर लोगों की कमाई का जरिया नहीं बनने चाहिए। इन संसाधनों का लाभ आम परिवारों को मिलना चाहिए और इनका इस्तेमाल पंजाब के विकास के लिए होना चाहिए।

“पंजाब दी रेत, पंजाब दे लोकां लई”

वड़िंग ने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने के बाद रेत खनन को लेकर पूरी व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा।

“रेत कोई लग्जरी नहीं है। घर बनाने, घर की मरम्मत, स्कूल बनाने, सड़क बनाने, नालियां बनाने और दूसरे विकास कार्यों के लिए रेत जरूरी है। जब यह प्राकृतिक संसाधन पंजाब में उपलब्ध है तो आम पंजाबी को इसके लिए ज्यादा कीमत क्यों देनी पड़े?” उन्होंने कहा।

प्रस्तावित योजना के तहत वैध तरीके से निकाली गई रेत को वास्तविक और पात्र घरेलू तथा सार्वजनिक निर्माण जरूरतों के लिए बिना रेत की सामान्य कीमत के उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए पारदर्शी और तकनीक आधारित व्यवस्था बनाई जाएगी, ताकि इसका गलत इस्तेमाल न हो।

इस योजना का सबसे ज्यादा लाभ घर बनाने या मरम्मत कराने वाले आम परिवारों, किसानों, छोटे ठेकेदारों, मजदूरों और सार्वजनिक निर्माण कार्यों को मिलेगा।

हर पंजाबी को सीधा फायदा

वड़िंग ने कहा कि इस योजना का असर केवल रेत की कीमत तक सीमित नहीं रहेगा।

रेत सस्ती होने से परिवार कम खर्च में अपने घर बना और मरम्मत कर सकेंगे। सरकारी निर्माण की लागत कम होने से सड़कें, नालियां, स्कूल, अस्पताल और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं कम खर्च में बनाई जा सकेंगी।

निर्माण गतिविधियां बढ़ने से राजमिस्त्री, मजदूर, बिजली मिस्त्री, प्लंबर, ट्रांसपोर्टर, छोटे ठेकेदार और निर्माण से जुड़े अन्य लोगों को भी रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे।

“हमारा उद्देश्य सिर्फ रेत सस्ती करना नहीं है। हमारा उद्देश्य पंजाब के लोगों की जिंदगी का खर्च कम करना और विकास की रफ्तार बढ़ाना है,” वड़िंग ने कहा।

उन्होंने कहा कि यह पहल कांग्रेस के उस बड़े विजन का हिस्सा होगी, जिसमें पंजाब के प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल जनकल्याण, रोजगार और आर्थिक विकास के लिए किया जाएगा, न कि केवल सरकार की आय बढ़ाने के लिए।

‘माइनिंग से कमाई’ से ‘लोगों के संसाधन’ तक

आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए वड़िंग ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले AAP ने पंजाब के माइनिंग सेक्टर को लेकर बड़े-बड़े वादे किए थे।

AAP ने दावा किया था कि माइनिंग से हर साल ₹20,000 करोड़ की कमाई हो सकती है और पांच साल में करीब ₹1 लाख करोड़ जुटाने का अनुमान भी दिया था। दावा किया गया था कि इस पैसे का इस्तेमाल स्वास्थ्य, शिक्षा और जनकल्याण के लिए किया जाएगा।

“चार साल बाद पंजाब के लोगों को यह पूछने का पूरा अधिकार है कि उस बदलाव का क्या हुआ, जिसका वादा किया गया था?” वड़िंग ने कहा।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पंजाब के लिए बिल्कुल अलग मॉडल लेकर आएगी।

“AAP ने पंजाब की रेत में सरकारी कमाई देखी, कांग्रेस पंजाब की रेत में अपने परिवारों के घर, गांवों की सड़कें, बच्चों के स्कूल और हमारे मजदूरों के रोजगार देखती है।”

माइनिंग माफिया को कोई खुली छूट नहीं

वड़िंग ने स्पष्ट किया कि ‘पंजाब दा रेत हक’ का मतलब मनमाने तरीके से माइनिंग करना नहीं है।

कांग्रेस सरकार एक पारदर्शी और तकनीक आधारित रेत प्रबंधन व्यवस्था बनाएगी, जिसमें शामिल होंगे:

* डिजिटल परमिट और पारदर्शी आवंटन
* अधिकृत ट्रांसपोर्ट की GPS से निगरानी
* माइनिंग साइटों की रियल-टाइम निगरानी
* वैध माइनिंग की सख्त सीमा
* पर्यावरण की सुरक्षा के कड़े नियम
* अवैध माइनिंग और बिना अनुमति ट्रांसपोर्ट पर कार्रवाई
* वास्तविक घरेलू और सार्वजनिक निर्माण जरूरतों को प्राथमिकता

“मुफ्त रेत का मतलब पंजाब की नदियों को बर्बाद करने की खुली छूट नहीं होगी। हम पर्यावरण की रक्षा करेंगे और साथ ही यह सुनिश्चित करेंगे कि पंजाब के संसाधनों का फायदा पंजाब के लोगों को मिले,” वड़िंग ने कहा।

उन्होंने कहा कि अवैध माइनिंग में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे उसका राजनीतिक या कोई अन्य प्रभाव क्यों न हो।

मिडिल क्लास, गरीब, किसान और मजदूरों के लिए योजना

वड़िंग ने कहा कि इस पहल का सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को मिलेगा जो निर्माण की बढ़ती लागत से सीधे प्रभावित हो रहे हैं।

“एक पंजाबी परिवार को घर बनाने में हजारों रुपये की बचत होना छोटी बात नहीं है। सरकारी स्कूल कम लागत में बनना छोटी बात नहीं है। गांव की सड़क कम पैसे में बनना छोटी बात नहीं है। जब यह फायदा पूरे पंजाब में पहुंचेगा, तो यह एक बड़ा आर्थिक बदलाव होगा,” उन्होंने कहा।

उन्होंने कहा कि इस योजना से स्थानीय निर्माण क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा और राजमिस्त्री, मजदूर, ट्रक ऑपरेटर और छोटे ठेकेदारों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

‘पंजाब दा रेत हक’ -लोगों के साथ नई सोच

वड़िंग ने कहा कि यह योजना सरकार और पंजाब की जनता के बीच एक नई सोच को दर्शाएगी।

“पंजाब के संसाधन कुछ लोगों की निजी संपत्ति नहीं हो सकते। पंजाब पंजाब के लोगों का है और इसकी प्राकृतिक संपदा का लाभ भी पंजाब के लोगों को मिलना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का सिद्धांत सरल है: पंजाब के प्राकृतिक संसाधन पंजाब के लोगों का बोझ कम करें।

2027 के विधानसभा चुनाव को दो अलग-अलग सोच के बीच चुनाव बताते हुए वड़िंग ने कहा:

“एक मॉडल पूछता है कि पंजाब से कितनी कमाई की जा सकती है। हमारा मॉडल पूछता है कि पंजाब के परिवारों को कितनी राहत दी जा सकती है।”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ‘पंजाब दा रेत हक’ के वादे को राज्य के हर गांव, कस्बे और शहर तक लेकर जाएगी।

“2027 में पंजाब की जनता फैसला करेगी। हम ऐसी सरकार देंगे जो जनता को कमाई का जरिया नहीं, बल्कि पंजाब के भविष्य का असली हकदार मानेगी।”

वड़िंग ने कहा:

“पंजाब दी रेत, पंजाब दे लोकां लई। पंजाब दा पैसा, पंजाब दे विकास लई। पंजाब दे कुदरती स्रोत, पंजाब दे हर परिवार दी भलाई लई।

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