‘Public Exams Amendment Bill not enough’ CJP Ashutosh Ranka: CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने गुरुवार को कहा कि ‘पब्लिक एग्ज़ाम्स अमेंडमेंट बिल’ काफ़ी नहीं है; केंद्र को यह भी बताना चाहिए कि पेपर लीक को रोकने के लिए क्या उपाय किए जाएंगे।
आशुतोष रांका ने कहा कि “हमने यह स्पष्ट कर दिया है कि चर्चा केवल पेपर लीक होने के बाद उठाए गए कदमों तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए। चाहे वह फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट हों, सख्त दंड या सज़ा हो। सरकार को यह बताना चाहिए कि पेपर लीक को रोकने के लिए वह पहले से क्या कर रही है।
आशुतोष रांका ने आगे कहा कि बिल में परीक्षा के इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने, कोचिंग सेंटरों को रेगुलेट करने, परीक्षा के शेड्यूल को बेहतर बनाने, सिलेबस में बदलाव करने, पारदर्शिता सुनिश्चित करने या NTA, SSC और परीक्षा कराने वाली दूसरी संस्थाओं में सुधार करने पर कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में शामिल वेंडर्स के बारे में भी कोई चर्चा नहीं हुई।
आशुतोष रांका ने कहा कि चोट लगने के बाद पट्टी बांधना एक बात है, लेकिन असली सवाल यह है कि आप चोट लगने से रोकने के लिए क्या कर रहे हैं? इस विधेयक में उस पर ध्यान नहीं दिया गया है। हमने सरकार को पांच सूत्रीय मांगों का एक चार्टर सौंपा है और सरकार से उन सिफारिशों को लागू करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा है। अन्यथा, इस देश ने देखा है पिछले कुछ वर्षों में कई कानून पारित किए जा रहे हैं, लेकिन केवल कानून ही पर्याप्त नहीं है।”
बुधवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि सरकार को विरोध कर रहे छात्रों को परेशान करना बंद कर देना चाहिए, क्योंकि वे आतंकवादी नहीं बल्कि देश का भविष्य हैं। उन्होंने यह भी साफ़ किया कि अगर सरकार सही रास्ते पर नहीं चली, तो युवा उसे बदल देंगे।
