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तेल खरीद पर लिमिट लगाने को लेकर वड़िंग ने केंद्र से मांगा स्पष्टीकरण

ऊर्जा और आर्थिक संकट पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग

कहा: हालात बद से बदतर हो रहे हैं; प्रधानमंत्री विदेश दौरों में व्यस्त

चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने देश के अलग-अलग राज्यों में तेल की खरीद पर लिमिट लगाए जाने संबंधी आ रही खबरों पर भारत सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी या भरोसा नहीं दिए जाने के कारण लोगों में घबराहट का माहौल बना हुआ है।

तेल की खरीद पर लिमिट लागू किए जाने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए, वड़िंग ने कहा कि यह आने वाले समय के लिए बेहद चिंताजनक और भयावह संकेत हैं। उन्होंने कहा कि यदि हम अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी पर्याप्त तेल का प्रबंध नहीं कर सकते, तो इससे अर्थव्यवस्था पूरी तरह डगमगा सकती है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और विशेष रूप से प्रधानमंत्री को इस स्थिति को गंभीरता से लेना चाहिए। प्रधानमंत्री के विदेश दौरों पर टिप्पणी करते हुए, उन्होंने कहा कि देश के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं, जबकि हमारे प्रधानमंत्री विदेश यात्राओं में व्यस्त हैं।

लुधियाना से सांसद वड़िंग ने यह भी मांग की कि देश के सामने खड़े ऊर्जा और आर्थिक संकट पर चर्चा के लिए सरकार को संसद का विशेष सत्र बुलाना चाहिए।

इस दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा पहले दी गई चेतावनियों का हवाला देते हुए, वड़िंग ने कहा कि वह लगातार सरकार को आगाह करते आ रहे हैं कि देश की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है और जमीनी हालात अच्छे नहीं हैं।

उन्होंने सरकार से अपील करते हुए, कहा कि चिंताओं को नजरअंदाज करने की बजाय सरकार को ईमानदारी से चुनौतियों का आकलन करना चाहिए और संकट गहराने से पहले सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि तेल पर पाबंदियां लगाने या लोगों को खरीदारी से बचने के लिए कहने से राष्ट्रीय संकट का समाधान नहीं निकलेगा।

वड़िंग ने सुझाव दिया कि प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर सीधे देश को संबोधित करना चाहिए, देश के सामने मौजूद वास्तविक चुनौतियों के बारे में जानकारी देनी चाहिए और संसद में जनता के सामने एक स्पष्ट रोडमैप पेश करना चाहिए।

उन्होंने जोर देते हुए, कहा कि प्रधानमंत्री को तुरंत संसद का विशेष सत्र बुलाकर विपक्ष को विश्वास में लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय चिंता के समय साझा चर्चा और मिलकर समाधान निकालने की आवश्यकता होती है, न कि एकतरफा फैसले लेने की।

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने कहा कि भारत के लोग भ्रम नहीं, बल्कि समाधान के हकदार हैं। इस चुनौतीपूर्ण दौर में नौकरियों, कारोबार, सप्लाई चेन और आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी की सुरक्षा के लिए सरकार को एक मजबूत एक्शन प्लान पेश करना चाहिए

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