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कांग्रेस द्वारा नाभा में ‘मनरेगा बचाओ’ रैली 2027 में मनरेगा को दोबारा बहाल करने का किया वायदा

 

मोदी ने किसानों के हित अमेरिका को बेचे: बघेल

मोदी किसानों और गरीबों के सबसे बड़े दुश्मन: वड़िंग

पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन

पटियाला:कांग्रेस पार्टी ने आज नाभा में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत एक विशाल रैली की। इसके साथ ही, पार्टी ने पटियाला में राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के खिलाफ अलग से प्रदर्शन भी किया।

रैली को संबोधित करते हुए, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब मामलों के प्रभारी महासचिव भूपेश बघेल व पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार किसानों, गरीबों और मजदूरों की सबसे बड़ी दुश्मन है। उन्होंने कहा कि मनरेगा कानून में किए गए बदलाव इसका स्पष्ट प्रमाण हैं।

राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार लोगों की जान-माल की सुरक्षा करने में विफल रही है। उन्होंने अपराधियों और गैंगस्टरों द्वारा हो रही हत्याओं की घटनाओं का हवाला देते हुए, कहा कि सरकार इस मामले में बेखबर नजर आ रही है।

भूपेश बघेल ने रैली को संबोधित करते हुए, मनरेगा में किए गए बदलावों के खिलाफ आंदोलन की अगुवाई करने के लिए पंजाब कांग्रेस को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई मजदूरों के अधिकारों और संविधान की रक्षा के लिए है।

उन्होंने भाजपा पर संविधान से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाते हुए, कहा कि लोकसभा चुनाव में 400 से अधिक सीटों का लक्ष्य हासिल करने के बाद भाजपा संविधान बदलना और जनकल्याण योजनाओं को कमजोर करना चाहती थी।

बघेल ने आरोप लगाया कि भाजपा सीबीआई, ईडी और इनकम टैक्स विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों के जरिए विपक्षी नेताओं को डराने की कोशिश कर रही है, लेकिन कांग्रेस के नेता पीछे नहीं हटेंगे।

इसी तरह, उन्होंने मोदी पर अंतरराष्ट्रीय समझौतों के जरिए कृषि और डेयरी उत्पादों के आयात की अनुमति देकर किसानों के हितों से समझौता करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मोदी भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने डेयरी और कृषि उत्पादों के आयात को मंजूरी दी है, जो देश के किसानों को बर्बाद कर देगी।

उन्होंने दोहराया कि यदि 2027 में पंजाब और 2029 में केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनती है, तो मनरेगा को दोबारा बहाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा संघर्ष किसानों और मजदूरों के लिए है, जबकि भाजपा कॉरपोरेट घरानों के हित में काम कर रही है।

उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान को भाजपा की ‘बी टीम’ करार देते हुए, पूछा कि मनरेगा में बदलाव पर वह चुप क्यों हैं।

इस मौके पर बोलते हुए, राजा वड़िंग ने मनरेगा को “काम का अधिकार देने वाला पहला कानून” बताया और कहा कि इसे भूतपूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी भूख और बेरोजगारी से पैदा होने वाली अव्यवस्था को रोकने के लिए लाए थे।

उन्होंने भाजपा पर सरकारी संपत्तियों को बेचने और कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए, कहा कि देश की 80 प्रतिशत संपत्ति सिर्फ दो व्यक्तियों के हाथों में केंद्रित हो गई है, जबकि गरीब वर्ग को रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे हैं।

वड़िंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रोजगार की गारंटी बढ़ाने और किसानों की आय दोगुनी करने के दावों पर सवाल उठाते हुए, पूछा कि क्या मजदूरों को मनरेगा के तहत 100 दिन का रोजगार मिला भी है या फिर नहीं। उन्होंने कहा कि यदि 50 दिन भी रोजगार नहीं मिला, तो 125 दिन कैसे मिलेगा। यह सब “खोखले ऐलान” हैं।

उन्होंने जोर देते हुए, कहा कि यदि केंद्र की नीयत साफ होती, तो दिहाड़ी 700 रुपये तक बढ़ाई जा सकती थी। लेकिन कांग्रेस मनरेगा को पूरी तरह बहाल करने तक अपना आंदोलन जारी रखेगी।

वहीं पर, पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए, वड़िंग ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये देने का वादा पूरा नहीं किया और मुख्यमंत्री भगवंत मान से 60,000 रुपये के बकाया जारी करने को कहा। उन्होंने आप पर झूठे वादे करने का आरोप लगाते हुए, लोगों से अपील की कि “पैसे ले लो, लेकिन वोट मत देना।”

जबकि नशे के मुद्दे पर वड़िंग ने कहा कि पंजाब के राज्यपाल द्वारा नशा विरोधी मार्च स्वागत योग्य है, लेकिन सीमा पार से आ रहे नशे पर केंद्र की भूमिका पर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा बीएसएफ और केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आती है, इसलिए राज्य और केंद्र दोनों सरकारें नशे को रोकने में विफल रही हैं।

उन्होंने कहा कि पंजाब के राज्यपाल भाजपा और अकाली दल को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इससे कांग्रेस को कोई फर्क नहीं पड़ेगा और पार्टी सभी विरोधियों को हराने के लिए तैयार है, फिर चाहे वह अकाली-भाजपा गठबंधन हो या फिर आप।
इस मौके पर सांसद धर्मवीर गांधी, पूर्व मंत्री साधु सिंह धर्मसोत, रणदीप नाभा, गुरकीरत कोटली, अरुणा चौधरी, पंजाब यूथ कांग्रेस अध्यक्ष मोहित मोहिंद्रा, कैप्टन संदीप संधू सहित कई नेता मौजूद रहे।

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