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शहरी स्थानीय इकाइयों द्वारा सफाई मुहिम, पीने के पानी की सप्लाई, संपत्तियों के नुकसान का मूल्यांकन सुनिश्चित किया जाएगा: डॉ. रवजोत सिंह


चंडीगढ़ :पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने आज बताया कि राज्य में हाल ही में आए बाढ़ के मद्देनज़र शहरी स्थानीय इकाइयों द्वारा किए जाने वाले उपायों संबंधी एक नोटिफिकेशन जारी किया गया है।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इन उपायों में राज्य के कस्बों में सामान्य स्थिति की बहाली सुनिश्चित करने हेतु सफाई, पीने योग्य पानी की आपूर्ति और स्वास्थ्य संबंधी रोकथाम उपाय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्यभर के सभी नगर निगम कमिश्नर, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास/जनरल) तथा नगर काउंसिल और नगर पंचायत के सभी कार्यकारी अधिकारी मिशन मोड पर कार्य करने हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

राज्य में रावी, ब्यास, सतलुज और घग्गर नदियों सहित उनकी सहायक नदियों में पानी का स्तर बढ़ने व भारी बारिश के कारण गंभीर बाढ़ व जलभराव की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट मंत्री ने बताया कि वर्तमान में प्रमुख कार्यों में से एक सफाई सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि जिन शहरों में पानी भर चुका है, वहां मिट्टी, रेत सहित अन्य मलबा एकत्रित किया जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि राज्य सरकार ने यू.एल.बी.’स के मौजूदा कर्मचारियों के अलावा विशेष टीमों को नियुक्त कर इन क्षेत्रों में सड़क/शहरी नालियों सहित मिट्टी-मलबा साफ करने हेतु विशेष मुहिम शुरू करने का निर्णय लिया है। प्रभावित क्षेत्रों में टीमों की तैनाती हेतु एक रोस्टर बनाया जाएगा, जिसमें 14 सितंबर से 23 सितंबर तक दस दिनों की विशेष सफाई मुहिम चलायी जाएगी।

नोटिफिकेशन में यह भी कहा गया है कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा संबंधी पहले से विस्तृत एडवाइजरी जारी की जा चुकी है। डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि संबंधित अधिकारियों को नुकसानग्रस्त संपत्ति, सार्वजनिक या निजी संपत्ति जिसमें घर, दुकानें आदि शामिल हैं, का सर्वेक्षण करने के निर्देश भी दिए गए हैं। यह सर्वेक्षण माल, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन विभाग की हिदायतानुसार इंजीनियरिंग स्टाफ के सहयोग से तुरंत किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि संबंधित रिपोर्टें जिला के डिप्टी कमिश्नरों को भेजी जाएंगी ताकि उन्हें राहत/मुआवजा के लिए राज्य सरकार को अग्रेषित किया जा सके।

इसके साथ ही राज्य सरकार के निर्देशानुसार नुकसानग्रस्त संपत्ति की मरम्मत व पुनर्स्थापना भी सुनिश्चित की जाएगी। नोटिफिकेशन के अनुसार प्रभावित जल आपूर्ति योजना, स्ट्रीट लाइटें, एस.टी.पी., खराब सड़कों (अस्थायी पैचवर्क सहित) की मरम्मत के लिए भी त्वरित कदम उठाए जाएंगे। डायरेक्टर ने कहा कि सड़कों/नालियों की उचित मरम्मत कार्य मानसून सीजन समाप्त होने के बाद शुरू किया जा सकता है, हालांकि अस्थायी तौर पर भरण कार्य तुरंत किए जा सकते हैं।

सभी संबंधित अधिकारियों को एक ठोस कार्यान्वयन योजना बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि इन कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने हेतु आवश्यक उपाय सूचीबद्ध किए जा सकें। अधिकारियों को हर कार्य से पहले व बाद की फोटो रिकॉर्डिंग करनी होगी तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा निर्धारित करनी होगी। इसके अलावा इस कार्य हेतु मनोनीत अधिकारी भी तैनात किए जाएंगे।

राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रभावित व्यक्तियों/क्षेत्रों की मदद हेतु प्रस्तावित उपायों की जानकारी कस्बों/शहरों के निवासियों तक सही तरीके से पहुंचाई जाएगी। नोटिफिकेशन में यह भी कहा गया है कि इन कार्यों को अमली जामा पहनाने हेतु स्थानीय यूथ क्लबों, गैर-सरकारी संगठनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से सहयोग हेतु आग्रह किया जा सकता है। साथ ही बड़े कस्बों व शहरों में विशेष रूप से नोडल अधिकारी तैनात किए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इन नोडल अधिकारियों के नाम व टेलीफोन नंबर निवासियों के साथ साझा किए जाएंगे ताकि राहत व पुनर्वास प्रयासों में समन्वय सुनिश्चित हो सके। साथ ही संबंधित टीमों द्वारा किए गए राहत/पुनर्वास कार्यों की रिपोर्टिंग एवं सत्यापन हेतु विभिन्न यू.एल.बी. में तैनात पूर्व सैन्यकर्मी (पैस्को) की सक्रिय सहायता भी मांगी जा सकती है।

इस दौरान स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक कुलवंत सिंह ने बताया कि कमिश्नर अपने-अपने नगर निगमों में सभी पुनर्वास कार्यों के लिए जिम्मेदार होंगे। इसी प्रकार जिले के एडीसी (शहरी विकास/जनरल) जनतकी और निजी संपत्ति को हुए नुकसान की रिपोर्टिंग के साथ-साथ संबंधित नगर काउंसिल एवं नगर पंचायत द्वारा जिले में किए जा रहे उक्त कार्यों पर निगरानी रखेंगे। 

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