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Punjab-Haryana Water Dispute : पानी की एक-एक बूंद पंजाब के लिए कीमती : मान


Punjab-Haryana Water Dispute, चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्र सरकार के फैसले का विरोध करते हुए कहा कि केंद्र पंजाब के किसानों के हकों पर डाका मार रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सोमवार को पंजाब विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाएगी, जिसमें केंद्र सरकार और बीबीएमबी की तानाशाही की निंदा की जाएगी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह संकट केंद्र द्वारा पंजाब पर थोपा गया है, लेकिन हम इसके खिलाफ लड़ने के लिए कानूनी रूप से सही और नैतिक रूप से मजबूत हैं।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पंजाब पहले ही कृषि के लिए पानी की कमी से जूझ रहा है क्योंकि राज्य भर में भूजल स्तर गिर रहा है। उन्होंने कहा कि डैमों में पानी का स्तर अब तक का सबसे कम दर्ज किया गया है और पौंग डैम, भाखड़ा डैम और रणजीत सागर डैम में पानी का स्तर पिछले साल की तुलना में क्रमश: 32 फीट, 12 फीट और 14 फीट कम है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पानी की एक-एक बूंद पंजाब के लिए कीमती है और किसी अन्य राज्य को पानी देने का सवाल ही पैदा नहीं होता।

केंद्र सरकार की जबरदस्ती बर्दाश्त नहीं करेंगे

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि महान सिख गुरुओं ने हमें अन्याय और जुल्म के खिलाफ लड़ना सिखाया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ऐसी किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि इस कदम ने पूरे पंजाब को एकजुट कर दिया है और हर पंजाबी केंद्र सरकार के रवैये का जोरदार विरोध कर रहा है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि हरियाणा मार्च महीने में ही बी.बी.एम.बी. द्वारा आवंटित अपने हिस्से के पानी का उपयोग कर चुका है, जिसके बाद पंजाब द्वारा उन्हें लगभग छह बार रिमाइंडर पत्र भी भेजे गए थे।

हरियाणा को मात्र 1700 क्यूसेक पानी की जरूरत

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाद में हरियाणा सरकार ने पंजाब से अपील की थी कि उनके पास लोगों की पीने के पानी की जरूरतें पूरी करने के लिए भी पानी नहीं है। उन्होंने कहा कि मानवता के आधार पर पंजाब सरकार ने उदार दिल दिखाते हुए 6 अप्रैल से हरियाणा को प्रतिदिन 4000 क्यूसेक पानी आवंटित किया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि हरियाणा की आबादी तीन करोड़ है और अनुमानों के अनुसार 1700 क्यूसेक पानी लोगों की पीने के पानी की जरूरतें पूरी करने के लिए पर्याप्त है।

हरियाणा वास्तविक जरूरत से ढाई गुना पानी मांग रहा

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने पंजाब से अपनी वास्तविक जरूरत से 2.5 गुना अधिक पानी मांगा है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद पंजाब द्वारा अप्रैल महीने से यह पानी दिया जा रहा है और कुछ दिन पहले हरियाणा ने अनुरोध किया था कि यह पानी उनके लिए पर्याप्त नहीं है और उन्हें प्रतिदिन 8500 क्यूसेक अतिरिक्त पानी की जरूरत है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह स्पष्ट है कि यह पानी सिंचाई के लिए मांगा जा रहा है और यह समस्या इसलिए पैदा हुई क्योंकि हरियाणा ने अपने हिस्से के पानी का उचित उपयोग नहीं किया।


 

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