नेशनल डेस्क: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने भगवान बुद्ध के जीवन दर्शन और उनके शांति के संदेश को याद किया। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना संदेश साझा करते हुए कहा कि “आप सभी को बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान बुद्ध का जीवन दर्शन और उनकी शिक्षाएं पूरी मानवता के लिए अहिंसा, करुणा, सत्य, सामाजिक सद्भाव और नैतिकता का पाठ हैं। उनके द्वारा दिखाया गया मार्ग हमें सदैव शांति और सद्भाव की राह पर चलने के लिए प्रेरित करता रहेगा।”
खरगे ने भी दी बधाई
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी इस अवसर पर बधाई देते हुए कहा कि भगवान बुद्ध का संदेश शाश्वत और सार्वभौमिक है। उन्होंने कहा कि संघर्ष और अनिश्चितता के इस युग में बुद्ध का सत्य, अहिंसा और समानता का मार्ग मानवता का मार्गदर्शन करता है। उन्होंने कामना की कि समाज में बंधुत्व की भावना गहरी हो और सभी का जीवन सदाचार से प्रेरित हो।
बुद्ध पूर्णिमा का आध्यात्मिक महत्व के बारे में-
बुद्ध पूर्णिमा बौद्ध धर्म के सबसे पवित्र त्योहारों में से एक है। यह दिन भगवान बुद्ध के जीवन की तीन महत्वपूर्ण घटनाओं का संगम है। सिद्धार्थ गौतम का जन्म छठी शताब्दी ईसा पूर्व में लुम्बिनी (वर्तमान नेपाल) में हुआ था। बोधगया में बोधि वृक्ष के नीचे ध्यान करते हुए सिद्धार्थ ने परम सत्य को जाना और बुद्ध कहलाए। 80 वर्ष की आयु में कुशीनगर में उन्होंने अपना पार्थिव शरीर त्यागा और अंतिम निर्वाण प्राप्त किया।
आत्म चिंतन का अवसर है बुध पूर्णिमा
बुद्ध पूर्णिमा केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि आत्म-चिंतन का अवसर है। इस दिन बौद्ध अनुयायी भगवान बुद्ध की मूल शिक्षाओं पर विचार करते हैं:
चार आर्य सत्य: दु:ख और उसे दूर करने के सत्य का बोध।
अष्टांगिक मार्ग: सही दृष्टि, सही संकल्प और सही आचरण के माध्यम से शांति प्राप्त करने का मार्ग। यह दिन पूरी दुनिया को शांति, करुणा और दुखों के अंत का संदेश देने के लिए मनाया जाता है।
