चंडीगढ़: कांग्रेस पंजाब में कल गुरदासपुर से ‘मनरेगा बचाओ संघर्ष’ की शुरुआत करेगी। यह अभियान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को खत्म कर उसकी जगह ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन–ग्रामीण (वीबी जी रैम जी)’ लाए जाने के विरोध में पार्टी के देशव्यापी आंदोलन का एक हिस्सा है।
इस क्रम में, आज यहां आंदोलन से जुड़े कार्यक्रम की रूपरेखा का ऐलान करते हुए, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि मनरेगा को रद्द करने के विरोध में चलाई जा रही यह मुहिम राज्य के हर कोने, ब्लॉक और गांव स्तर तक पहुंचेगी।
उन्होंने बताया कि ‘मनरेगा बचाओ संघर्ष’ का पहला चरण 8 मार्च को गुरदासपुर से शुरू होगा और 12 मार्च को समाप्त होगा। इस दौरान गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर, लुधियाना, पटियाला, संगरूर, बठिंडा, मोगा और फिरोजपुर, कुल 9 जिलों को कवर किया जाएगा। अगले कार्यक्रम बाद में घोषित किए जाएंगे।
इस अवसर पर एआईसीसी के महासचिव (पंजाब प्रभारी) और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गुरदासपुर से पंजाब में अभियान की शुरुआत करेंगे और राज्य भर में होने वाले सभी कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
वड़िंग ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार की तीखी आलोचना करते हुए, कहा कि मनरेगा जैसे कानून ने पिछले 20 वर्षों में ग्रामीण रोजगार को मजबूती दी और देश भर में करोड़ों पिछड़े व हाशिये पर पड़े लोगों को आजीविका प्रदान की।
इसी तरह, उन्होंने मनरेगा के सही ढंग से अमल न होने का हवाला देकर इसे खत्म करने के बचाव में भाजपा द्वारा पंजाब में चलाई जा रही मुहिम पर तंज कसा। हालांकि यह सच है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार की अक्षमता के कारण मनरेगा का सही तरीके से लागू नहीं हो पाया, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि योजना को ही समाप्त कर दिया जाए।
वहीं पर, भाजपा की सार्वजनिक बैठकों का जिक्र करते हुए, वड़िंग ने याद दिलाया कि तीन विवादित कृषि कानूनों के मामले में भी भाजपा और उसके सहयोगियों ने इसी तरह की दलीलें दी थीं, लेकिन आखिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किसानों से बिना शर्त माफी मांगकर वे कानून वापस लेने पड़े थे।
वड़िंग ने अनुमान जताया कि मनरेगा के मामले में भी ऐसा ही होगा और भाजपा सरकार लोगों के दबाव में नया कानून वापस लेकर उन करोड़ों भारतीयों से माफी मांगेगी, जिनकी आजीविका इससे छीनी जा रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर भी तीखा हमला करते हुए, कहा कि राज्य में मनरेगा पर अमल लगभग नाममात्र रहा है। उन्होंने कहा कि आप सरकार ने अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए केवल पंजाब विधानसभा का एक “विशेष सत्र” बुलाया, जो जमीनी स्तर पर कुछ भी करने की मंशा के बिना महज एक दिखावटी कदम था।
