गैलरी को पांच हिस्सों में बांटा गया
भगवंत सिंह मान ने बताया कि इस प्रदर्शनी को गहन सोच-विचार के बाद पांच प्रमुख हिस्सों में विभाजित किया गया है: जन्म और प्रारंभिक जीवनकाल, आध्यात्मिक यात्रा, गुरुगद्दी और संभालना, धार्मिकता का मार्ग और शहादत। इस प्रकार गुरु साहिब के जीवनकाल को महत्वपूर्ण और सार्थक ढंग से दर्शाया गया है।
गुरु साहिब के जीवन को दर्शाती है प्रदर्शनी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदर्शनी के केंद्र में गुरु तेग बहादुर जी की युद्ध-कला को दशार्ने वाले मॉडल सजाए गए हैं, जिनमें घोड़ा, तलवारें और तीर-कमान शामिल हैं, जो युद्ध के मैदान में उनकी महारत का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि गुरु घर को समर्पित श्रद्धालु मखन शाह लुबाना के जहाजों के बेड़े को दर्शाने वाला ऐतिहासिक मॉडल और भाई दियाला जी की सर्वोच्च कुर्बानी और दृढ़ता को दर्शाने वाली उबलती देग का मॉडल मुख्य आकर्षण हैं। भगवंत सिंह मान ने यह भी कहा कि प्रदर्शनी में लखी शाह वनजारा के पुनर्निर्मित घर को भी दशार्या गया है, जो आकर्षण का दिलकश केंद्र है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गैलरी में गुरु साहिब के जन्म से लेकर उनकी शहादत तक की यात्रा को गहराई से प्रस्तुत करने वाले विस्तृत चित्र और गुरुवाणी की पवित्र पंक्तियां सजी हुई हैं, जो दर्शकों को गहन आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करती हैं।

