दूसरे धर्म की रक्षा के लिए दी कुर्बानी
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी द्वारा दी गई कुर्बानी सर्वोच्च और बेमिसाल है, जिसका उद्देश्य दूसरों के धर्म की रक्षा करना था। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब ने मानवता और धार्मिक अधिकारों की रक्षा के लिए महान बलिदान देकर विश्व के लिए मिसाल कायम की। भगवंत सिंह मान ने लोगों से मानवता की भावना के साथ गुरु साहिब द्वारा दिखाए धार्मिकता के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
गुरु साहिब जी ने धार्मि स्वतंत्रता के लिए दी शहादत
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी ने मानव अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए दिल्ली जाकर शहादत दी, जिसकी मिसाल विश्व के इतिहास में कहीं नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि नौवें सिख पातशाह धर्मनिरपेक्षता, एकता और आपसी भाईचारे के सच्चे प्रतीक हैं। गुरु साहिब का जीवन और दर्शन संपूर्ण मानवता के लिए चिराग है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रदेश सरकार नौवें सिख पातशाह के 350वें शहीदी दिवस को मनाने के लिए विभिन्न क्रमवार समागम आयोजित कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये समागम आने वाले समय में भी जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब के शहीदी दिवस को मनाने के लिए हर साल समागम आयोजित किए जाएंगे। इसका एकमात्र उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए महान गुरु साहिब की शानदार विरासत को बनाए रखना है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पवित्र नगरी में श्रद्धा अर्पित करने आने वाली संगत की सुविधा के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं।
स्कूली पाठ्यक्रम में किए जाएंगे बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के लिए पाठ्यक्रम में आवश्यक बदलाव करेगी। आने वाली पीढ़ियों को गुरु साहिब तथा भाई सती दास, भाई मती दास, भाई दयाला जी, बाबा जीवन जी (भाई जैता जी), भाई किरपा सिंह (पंडित किरपा राम) जैसे महान शहीदों के अथाह योगदान से अवगत कराने के लिए शिक्षा पाठ्यक्रम में जरूरी बदलाव किए जाएंगे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह प्रदेश और इसके लोगों की समृद्ध विरासत है, जिसे संभाल कर रखना प्रदेश सरकार का फर्ज है।

