चंडीगढ़: भारतीय वायुसेना का गौरव और दुश्मनों के लिए खौफ का प्रतीक रहा MIG-21 लड़ाकू विमान अब इतिहास बनने जा रहा है। चंडीगढ़ एयरफोर्स स्टेशन से यह विमान आखिरी बार शुक्रवार को उड़ान भरकर विदाई लेगा। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के आगरा से विशेष टीम भी चंडीगढ़ पहुंच चुकी है। इस ऐतिहासिक विदाई के गवाह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बनेंगे। जब MIG-21 एयरफोर्स स्टेशन से अपनी अंतिम उड़ान भरेगा, तब राजनाथ सिंह मौके पर मौजूद रहेंगे। बुधवार को हुई रिहर्सल के दौरान विमानों ने आकाश में शानदार करतब दिखाए और सुरक्षा प्रबंधों की अंतिम तैयारियों की समीक्षा की गई।
वायुसेना प्रमुख को सौंपा जाएगा फॉर्म-700
अंतिम उड़ान के बाद पायलट अनुभव और तकनीकी रिपोर्ट फॉर्म-700 में दर्ज करेंगे। यह दस्तावेज स्क्वाड्रन कमांडिंग अफसर द्वारा वायुसेना प्रमुख को सौंपा जाएगा। इसे मिग-21 के गौरवशाली इतिहास की आखिरी दस्तावेजी गाथा के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा।
