Type Here to Get Search Results !

सीवरेज नेटवर्कों को बहाल करने के लिए 4407 सीवरमैन 24 घंटे काम कर रहे हैं: डॉ. रवजोत सिंह


चंडीगढ़:पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने आज बताया कि विभाग ने बाढ़ से प्रभावित कस्बों और गांवों में एक व्यापक बाढ़ राहत और बहाली अभियान शुरू किया है। उन्होंने कहा कि मलबा साफ़ करना, शवों का अंतिम संस्कार, सीवरेज की सफाई और सार्वजनिक संपत्तियों की मरम्मत जैसे सामान्य उपायों के अलावा, विभाग ने रिकवरी प्रयासों में तेजी और कुशलता सुनिश्चित करने के लिए लक्षित कार्रवाइयाँ शुरू की हैं।

डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि हर अधिकारी को ‘क्षेत्र ज़िम्मेदारी योजना’ के तहत एक विशेष क्षेत्र सौंपा गया है जिसमें घरों, दुकानों, सड़कों, सीवरेज और अन्य बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का विस्तृत ब्यौरा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। मरम्मत और बहाली के लिए त्वरित कार्रवाई पहले ही शुरू की जा चुकी है और टेंडर युद्ध स्तर पर जारी किए जा रहे हैं ताकि तुरंत काम अमल में लाया जा सके।

जन स्वास्थ्य और सुरक्षा के उपायों के बारे में बताते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि नगर निगम की टीमें आवारा पशुओं को योजनाबद्ध ढंग से एकत्र कर रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की मदद से आवारा कुत्तों को एंटी-रेबीज टीके लगाए जा रहे हैं, वहीं सभी प्रभावित क्षेत्रों में पशुधन और अन्य जानवरों के लिए टीकाकरण अभियान शुरू किए गए हैं। हालात सामान्य होने तक आवारा पशुओं और जानवरों को रखने के लिए विशेष आश्रय स्थल तैयार किए गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि आवारा पशुओं पर नियंत्रण करने, उनके संक्रमण से बचाव और जन देखभाल सुनिश्चित करने के लिए ये कदम बहुत महत्वपूर्ण हैं।

सफाई बहाली का ब्यौरा देते हुए डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि सरकार ने अपने राहत कार्यों में सीवरेज बहाली पर विशेष ध्यान दिया है। बंद सीवरेज को साफ करने और इससे स्वास्थ्य पर पड़ने वाले बुरे प्रभाव को रोकने के लिए बाढ़ प्रभावित शहरी स्थानीय संस्थाओं में कुल 4,407 सीवरमैन 24 घंटे काम कर रहे हैं। बंद और क्षतिग्रस्त सीवरेज हिस्सों की पहचान के लिए सीवर नेटवर्क की मैपिंग की गई है और बड़े स्तर पर आधुनिक मशीनरी और हाथों से गाद निकाली जा रही है। इस कार्य के लिए अस्पतालों, स्कूलों, बाज़ारों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है।

उन्होंने आगे बताया कि सीवरमैनों की सुरक्षा और सेहत प्राथमिक चिंता का विषय है, इसलिए खतरनाक परिस्थितियों में काम करने वालों को सुरक्षा गीयर, मशीनरी औज़ार और चिकित्सकीय सहायता प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही खराब सीवर लाइनों, मैनहोलों और पंपिंग स्टेशनों की मरम्मत का काम चल रहा है।

कैबिनेट मंत्री ने यह भी बताया कि राहत अभियान सिर्फ़ सीवरेज तक सीमित नहीं है। योग्य लाभार्थियों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के अंतर्गत क्षतिग्रस्त घरों और दुकानों की मरम्मत शुरू की गई है। 17 सितंबर से 2 अक्तूबर तक एक विशेष अभियान के तहत फेरीवालों को वित्तीय सहायता दी जा रही है, जिसमें गारंटी कवरेज के तहत 10,000 रुपये के ऋण के साथ 80,000 रुपये तक की कुल क्रेडिट सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने आगे बताया कि इसके साथ ही सफाई बहाली के लिए मलबा हटाने और वैज्ञानिक ढंग से शवों के निपटारे का काम किया जा रहा है, जबकि वेक्टर जनित बीमारियों को रोकने के लिए सामूहिक कार्यों हेतु 543 फॉगिंग मशीनों का उपयोग किया जा रहा है।

डॉ. रवजोत सिंह ने आगे बताया कि प्रभावी नतीजे सुनिश्चित करने के लिए म्यूनिसिपल इंजीनियरों की देखरेख में रोज़ाना निगरानी रिपोर्टें तैयार की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जिला और राज्य स्तर पर पूरे कार्य की नज़दीकी निगरानी की जा रही है। कमिश्नर, डिप्टी कमिश्नर और कार्यकारी अधिकारी सीधे तौर पर प्रगति की निगरानी कर रहे हैं, जबकि एक केंद्रीकृत निगरानी सेल पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यूएलबी से रोज़ाना रिपोर्टों को ट्रैक कर रहा है। वार्ड स्तर की समितियाँ और सामुदायिक वालंटियर भी इसे ज़मीनी स्तर पर लागू करने में मदद के लिए अपना विशेष योगदान दे रहे हैं।


 

Tags

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.