Chandigarh Crime News , चंडीगढ़ : पंजाब पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ अपनी छापेमार कार्रवाई जारी रखते हुए प्रदेशभर में रेड की। इस दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद हुए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 53 एफआईआर की और इस दौरान अलग-अलग जिलों से कुल 73 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब एक मार्च से लेकर चल रहे अभियान के तहत कुल 25,719 नशा तस्करों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस संबंधी जानकारी देते हुए स्पेशल डीजीपी ने बताया कि छापेमारी के दौरान गिरफ्तार किए गए नशा तस्करों के कब्जे से 2.4 किलोग्राम हेरोइन और 42,800 रुपए की ड्रग मनी बरामद की गई।
1100 से अधिक पुलिस कर्मियों ने की छापेमारी
उन्होंने बताया कि 73 गजटिड अधिकारियों की निगरानी में 1,100 से अधिक पुलिसकर्मियों वाली 120 से ज्यादा पुलिस टीमों ने राज्यभर में छापेमारी की और दिनभर चले इस आॅपरेशन के दौरान 406 संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की। स्पेशल डीजीपी ने कहा कि राज्य सरकार ने नशों के खात्मे के लिए तीन-स्तरीय रणनीति—इंफोर्समेंट, डी-एडिक्शन और प्रिवेंशन (ईडीपी)—लागू की है और डी-एडिक्शन के तहत पंजाब पुलिस ने 61 व्यक्तियों को नशा छुड़ाने और पुनर्वास इलाज करवाने के लिए राजी किया है।
पुलिस प्रशासन पूरी तरह तैयार : शुक्ला
स्पेशल डीजीपी (कानून एवं व्यवस्था) अर्पित शुक्ला ने बताया कि सीपी/एसएसपी की अगुवाई में पुलिस टीमों ने अपने-अपने जिलों के संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च किया। उन्होंने कहा कि इस अभ्यास का उद्देश्य आम लोगों में विश्वास बढ़ाना और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिसकर्मियों को तैयार करना था। स्पेशल डीजीपी ने आगे बताया कि सीपी/एसएसपी को एसपी रैंक के अधिकारी की निगरानी में राज्यभर के भीड़-भाड़ वाले स्थानों—जैसे रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बाजार, शॉपिंग मॉल, सार्वजनिक पार्क आदि—में विशेष घेराबंदी और तलाशी अभियान (सी ए एस ओ) चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि हमने सभी पुलिसकर्मियों को सख्त निर्देश दिए कि कार्रवाई के दौरान प्रत्येक व्यक्ति की तलाशी लेते समय उनके साथ मित्रतापूर्ण और विनम्र व्यवहार करें। इस तलाशी अभियान को सफल बनाने के लिए 1,500 से अधिक पुलिसकर्मियों वाली लगभग 250 पुलिस टीमों को तैनात किया गया, जिन्होंने संदिग्ध व्यक्तियों की तलाशी के दौरान आम जनता को न्यूनतम असुविधा सुनिश्चित की।
